जीवन से समझौता कैसे , हम सबको जीना यही हैं , प्रकृति ने हमें जन्म दिया , और हमें करन जीवन से समझौता कैसे , हम सबको जीना यही हैं , प्रकृति ने हमें जन्म दिया , ...
कभी-कभी पंछीओं की तरह तू चहकती रहती है, ऐ जिन्दग़ी कभी-कभी शोलों की तरह तू दहकती रहत... कभी-कभी पंछीओं की तरह तू चहकती रहती है, ऐ जिन्दग़ी कभी-कभी शोलों की त...
या बनूँ मंगलसूत्र तेरे सुर्ख गले का मैं अमंगल सा प्राणी सदा के लिये मंगल हो जाऊँ या बनूँ मंगलसूत्र तेरे सुर्ख गले का मैं अमंगल सा प्राणी सदा के लिये मंगल ...
फूलों की सुगंध सा है पाखी की चहक सा है फूलों की सुगंध सा है पाखी की चहक सा है
मेरे ख्वाबों का तू हंसता ख्वाब है मेरे जीवन का तू महकता गुलाब है। मेरे ख्वाबों का तू हंसता ख्वाब है मेरे जीवन का तू महकता गुलाब है।
मैं स्वयं पर लिखती हूं मैं मेरी खुद पसंद व्यथा कहती हूं, मैं सशक्त हूं और मुझे मेरे मैं स्वयं पर लिखती हूं मैं मेरी खुद पसंद व्यथा कहती हूं, मैं सशक्त हूं और ...